Hindi Spiritual One Liners


वाणी प्रभावशाली इसलिए है क्योंकि पहले जीवन में स्वयं अनुभव किया फिर आपके सामने रखा है l (पहले आचरण करो फिर बोलो).

मित्र, दुश्मन और रिस्तेदार तीनों को कभी छोटा मत समझो l

याद रखिये की आप बहुत विशेष है l

मुख खोलते ही आशीर्वाद निकले l

जीवन को सरल बनाओ l

जहाँ रहो वही आनंद बरसने लगे l

सूरज रोज बाहर का अन्धकार मिटाता है पर अन्दर का अन्धकार तो ज्ञान से ही मिटेगा l

भले ही धन कितना भी हो लेकिन तुम्हारे पास परमात्मा रुपी धन नहीं है तो तुम भिखारी हो l

दूसरों को कुछ देने का सुख क्या होता है, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता l

छोटे से छोटा वाक्य भी पार लगाने वाला है l

चींटी के पाँव, पाँव में पायल, पायल में घुंघरू, वो आवाज सुनता है, बहरा नहीं है l

कुछ भी हो जाए, मुस्कुराना मत छोड़ो l

जीवन बोरी है, उसमें “सतगुण” भरते चलो l

Salesgirl की प्रथा दूध बेचने वाली गोपिओं से ही निकली है l

अपना बच्चा बिमार हो तो लाखों खर्च हो जाते हैं l और यदि “पड़ौसी” का बच्चा बिमार हो, वास्तविकता भी मालुम  है, पांच सो रुपये की मदद करने में भी हम आना-कानी करते हैं l
ह्रदय पसीजता ही नहीं l

गुरु और कृष्ण में कोई फर्क नहीं है. कृष्ण अपनी “बाँसुरी” की सुरीली तान छेड़ कर भक्तों को दीवाना बनाता है तो संत अपनी मधुरवाणी से l

ना सुधरे तो, सजायें खानी पड़ेंगी l

तुम क्या कर रहे हो “वो”  नहीं देखता लेकिन दिल में क्या चल रहा है वो देखता है l सच्चे दिल पर साहिब राजी l

खुद ही खुद के चौकीदार बनो l ( ये मनं न जाने कब क्या करवा दे )

सफल करोगे तो सफलता मिलेगी l (तन “भगवान” के कार्य में लगाओगे तो निरोगी हो जाओगे)

सिरदर्द है l ये पाप की सजा ही है ना l

शिवलिंग के ऊपर टपकता रहता है, क्या हमारी आत्मा पर भी “ज्ञान” जल टपकता रहता है l

दूसरों का आत्म-सम्मान बढ़ाने के लिए उनकी विशेषताओं का वर्णन करो l छोटी सी बात की भी प्रशंसा करो l

हमें दो कान और एक मुंह दिया गया है, तो शायद इसका मतलब है कि हम जितना बोलते हैं उससे  दुगना सुनें l

हमारे शब्दों से ख़ुशी मिले l

शब्द संभल के बोलिए, शब्द के हाथ न पांव l एक शब्द औश्धि करे, एक शब्द करे घाव l

जो हर समय दूसरों के दोष को देखता है, वो अपनी पहचान खो बेठता है l

हम जितना औरों को लाभ पहुचाएंगे उतना ही हमारा भला होगा l लाभ शब्द को उलट दो तो भला ही  होता है ना.

वाणी मन के लिए साबुन का काम करती है l

तुम्हारे ज्ञान के शब्द ऐसे हों जो आत्मा को फ्रेश कर दें l

जो काम एक प्रेम भरे मधुर वचन से हो सकता है, वो अनेक दंड-प्रहार से भी नहीं हो सकता l हथौड़ी  की कई चोटें जिस ताले को नहीं खोल सकती, उसे छोटी सी कुंजी एक ही घुमाव में खोल देती है l

आत्मा छिः छिः बनी है इसलिए तो शरीर भी ऐसा बिमारी वाला है l कुछ भी छिः छिः हाथ -पाँव       में लग जाए तो बेचैनी रहती है ना जल्दी से धो लें l

लक्ष्य ऊँचा है फिर लक्षण भी तो वैसे ही धारण करने होंगें l

जैसा चित्र देखेंगे वैसा चरित्र बनता है l

हर घड़ी अंतिम घड़ी है l

प्यार वो जज्बा है, संकल्प “कलकत्ता” में करो और तुम्हारा भाव अमेरिका पहुँच जाएगा l

खाली बोरी कभी सीधी खड़ी नहीं हो सकती l

सब की बिगड़ी बनाने वाला तो एक “परमात्मा” ही है l

धर्म की बात तुम जानते तो हो, अब आचरण में भी लाओ l

बुद्धि है या बुद्धू हो जरा चेक तो करो l

हर कदम में कमाई जमा करने वाले कमाऊ बच्चे बनो l

किसी के पाँव के नीचे चींटी आ कर मर गई और हम देख रहे हैं, उसका भी हिसाब बनता है l

हर पल तुम शिकायती दृष्टि से देखते हो या धन्यवादी होते हो l

हमारे कर्म ऐसे हों जो हम भगवान् की पलकों में पलें l

अवगुण बहुत निंदा कर वाते हैं l

भगवान् की दया का पारावार नहीं है l

छोटा बच्चा दिन में ८० बार हँसता है परन्तु बड़े होने पर लाफिंग क्लब ज्वाइन करता है l

6 दोस्त पहाड़ की चोटी पर चढ़ने निकले, उनमें से केवल एक ही चोटी पर पहुँच सका, क्यूंकि वह  बहरा था. दूसरों की बातें हमारे आत्म-सम्मान को नीचे ले आती हैं तथा वह तत्परता से मंजिल पर पहुँचने का पुरुषार्थ नहीं कर पाते l

गुलाब ने कभी किसी को कहा मुझे दुर्गन्ध क्यों देते हो l

बिल्डिंग की रौशनी में समान चोरी होगया. इंसान तो है, लेकिन ईमान चोरी होगया l

मृत्यु – ना  गाती है ना गुनगुनाती है, आती है तब चुप चाप चली आती है l


सुख दो सुख लो, प्यार दो प्यार लो, सम्मान दो सम्मान लो l जो दिया है वही तो मिला है , आज जो कर रहे हो वो कल की तैय्यारी है l

धर्म की बातें सिर्फ सुनने और रस लेने के लिए नहीं है, उसे आचरण में नहीं लाओगे तो जीवन नीरस हो जाएगा l

बुद्धिमान कौन – वो जो उलझे नहीं l

हर अंग से गुणों की  खुश्बू आये l

आईए शांत रहें और साथ रहें l आईए परिपक्व बनें l आईए बेहतर इंसान बनें l

जीवन का सुख दूसरों को सुखी करने में है, उनको लूटने में नहीं l

आज का युवा, कल का बूढ़ा. इस प्राकृतिक परिवर्तन को रोका नहीं जा सकता. मनुष्य अपने बूढ़े बाप से जैसा व्यवहार करता है बदले में अपने बच्चों से वैसा ही पाता है ,ना दुःख दो ना दुःख लो l

आपकी विशेषताएँ प्रभु प्रसाद है, इन्हें सिर्फ स्वयं प्रति इस्तेमाल नहीं करो, बांटो और बढाओ l

धीरज होने से दरिद्रता भी शोभा देती है, धुले हुए होने से जीर्ण वस्त्र भी अच्छे लगते है, घटिया भोजन  भी गरम होने से सुस्वादु लगता है और सुंदर स्वभाव के कारण कुरूपता भी शोभा देती है l

भगवान् नहीं बोलता तो फिर हम किसी को कुछ भी क्यों बोलें l

जिसकी रचना इतनी सुंदर वो कितना सुंदर होगा l

सतर्क वही है जो बिजली की चमक में सुई पिरो ले l मंजिल तो क़दमों से चिपकी है, जिसने कदम बढ़ाया उसे  मिल गयी l

खुदी को कर बुलंद इतना की हर तक़दीर से पहले, खुदा खुद बन्दे से पूछे, बता तेरी रजा क्या है l

दूसरों के साथ भी वैसा ही व्यवहार करो जैसा आप अपने साथ चाहते हैं l

काल जब दिखाई देता है तो हनुमान चालीसा पेट फाड़ के बोलता है, सिर्फ भजन ही याद आता है l

संसार की लात, संत की बात, क्या तुम्हे भगवान् की याद नहीं आती l

कम बोलो, बहुत स्वीट बोलो l

ध्यान तो वह स्थिति है जब ध्यानी कुछ भी नहीं करता, उसका शरीर भी शांत होता है और मन भी l

अच्छी करनी कभी भी बेकार नहीं होती यदि सात समुद्र रास्ता रोकले तब भी हमारी करनी का फल  हमे मिलेगा ज़रूर , भले ही देर से मिले l

ऐसी कोई बात किसी आदमी के बारे में मत कहो जो उस मनुष्य के मुंह पर नहीं कह सकते l

हमारा ही संस्कार हमें दुःख देता है कोई हमे दुःख क्यों देगा l

भगवान् भगवान् क्या कहते हो, खुद भगवान् होकर दिखाओ l

ज्ञानी बड़ी बात को छोटा करता है, अज्ञानी छोटी बात को बड़ा करता है l

उल्हाना देना माना, समझ कम है l

मनुष्य खुश हो जाये तो क्या देगा, भगवान् खुश हो जाये तो क्या देगा  कभी सोचा l

नजरो के सामने हमेशा कोई सुंदर चीज़ रखो, चाहे वो कांच के गिलास में गुलाब का फूल ही क्यों ना हो l

इतना पुण्य जमा कर लो जो सारी समस्याएं समाप्त हो जाएँ l

बोलना तो 2 साल में सीख जाते है, लेकिन क्या बोलना है शायद 60 में भी नहीं सीख पाते l

घर साधनों से भरता जा रहा है, हम अकेले होते जा रहे हैं l

दिमाग बढाने से कुछ नहीं होता, लेकिन दिल बड़ा करो. भगवान् दिमाग में नहीं दिल में रहता है l

सॉरी बोलना तो सीख लिया है क्या क्षमा करना भी सीखा l

मस्त रहो व्यस्त रहो l

बढ़िया बढ़िया बीज रेती में मिलाने से खेती हो जाती है l

बुरे की संगत से बदनामी मिलेगी l

दीपक को जलाने, उजाला करने के लिए अनेक प्रयत्न करने पड़ते है, परन्तु दिया बुझाने व अन्धकार  करने में एक फूँक काफी है l

सामान 100 साल का, खबर एक पल की नहीं l

अपने जानवर पने को मिटाओ, देवत्व को जगाओ l

जब सीता रावण के पास थी तो समझती थी ना, हूँ तो मैं राम की l

खरे बनो , खारे नहीं. भले बनो, भाले नहीं l

सुख दुःख दोनों मेहमान हैं l

बीज अच्छा है तो फल ना मिले,ऐसा हो नहीं सकता l

नजरिया बदलिए, नज़ारे बदल जायेंगे l

धारे तो ही धर्म है, वरना कोरी बात, सूरज उगे प्रभात है, वरना काली रात l

आत्मा शरीर द्वारा बोलती है l

Worst thought आये तो कहो please कल आना l

हम धर्म की रक्षा करते है तो धर्म भी हमारी रक्षा करता है, यह सौदा है, संसार में ऐसा व्यवहार  चलता है l

लगा सको तो बाग़ लगाओ, आग लगाना मत सीखो l

जिसको स्वयं की कुछ बुद्धि नहीं है, उसको शास्त्र क्या लाभ पहुंचा सकता है? अंधे मनुष्य को दर्पण क्या  दिखलायेगा ?

प्रतिज्ञा करो – भगवान् हम कभी भी बुरा काम नहीं करेंगे l

जैसे मुझे दर्द होता है वैसे ही दुसरे को भी होता है l

आत्मा कर्म करती है शरीर के द्वारा l

सच्चाई में कशिश है l

क्या आपको मालूम है हमारे गलत कामो से वायुमंडल दूषित होता है ?
जो भी कर रहे हो , उसका फल मिलेगा ही l

हर एक बात मीठी भाषा में कही जा सकती है अगर हम असभ्यता बरतते है तो अपना ही नुक्सान  करते हैं l

जो कर्म हम करेंगे उनको देख और करेंगे l

कर्म variety किये है तो दुःख भी variety ही मिलेंगे l

शरीर में आँखें है, इनसे देखने वाली में आत्मा हूँ  l

फट से किसी का नुक्स निकाल देना, यह भी दुःख देना है l

में उदास था क्युंकि मेरे पास जूते नहीं थे. यह तभी तक था, जब तक मैंने गली में एक आदमी को  नहीं देखा था, जिसके पैर नहीं थे l

प्रश्न: मूल्यों को जीवन में क्यों अपनाना चाहिए?

उत्तर : यह कर्मो का सिद्धांत है , जैसा करोगे वैसा भरोगे , एक व्यक्ति जल्दी जल्दी अखबार खरीदने गया, बस  चलने वाली थी, फटा हुआ नोट देकर आ गया. जब घर पहुंचा तो देखता है की एक दिन पहले का  पुराना अखबार ले आया l

जब भारी हो तो Smile करो l

खेल ख़त्म होने के बाद बादशाह और प्यादा, दोनों, एक ही बक्से में डाले जाते हैं l

प्रार्थना दिल से करोगे तो तुम्हे दिल का रोग नहीं होगा l

जैसी अवस्था, वैसी व्यवस्था l

हम दूसरे को क्यों बुरा कहें, हम कौन से दूध के धुले हैं l

अमीर वो नहीं है जिसके पास सबसे ज्यादा है, बल्कि वो है  जिसे और कुछ नहीं चाहिए l

काम करते चलो, “मनमना” भव जपते चलो, हर समय बाबा का ध्यान धरते चलो, अविनाशी कमाई का खज़ाना बढ़ाते चलो, प्रेम से तुम “बाबा” को रिझाते चलो, अपने मन को सुमार्ग पर चलाते चलो l

जब भी भगवान् से कुछ मांगो तो दिमाग नहीं नशीब मांगना, क्यों कि मैंने दिमाग वालों को नसीब वालो के यहाँ काम करते देखा है l

Aids जैसी भयंकर बिमारी का कारण , मर्यादा का भंग होना ही तो है l

ये तमाम ज़िन्दगी भी कम है, एक दोस्ती निभाने के लिए, न जाने लोग वक़्त निकाल लेते हैं, दुश्मनी के लिए l

भगवान् तो है, पर ग्राहक चाहिए, खम्बे कई हैं , पर प्रह्लाद चाहिए l

सुख-दुःख
दुःख एक “शिक्षा” है
सुख एक “परीक्षा” है .

मृतक के पीछे रो रो कर मत मरो, मोह को छोड़ो, इश्वर से प्रीती जोड़ो, जिससे तुम्हारी भी सद्गति हो और मृतात्मा की भी l

जैसे घोसला सोती हुई चिड़ियों को आश्रय देता है, वैसे ही मौन तुम्हारी वाणी को आश्रय देता है l

शब्द बेचारा क्या करे, अर्थ ना समझे कोय, और अर्थ बेचारा क्या करे, जो धारण करे ना कोय l

Example बनेंगे तो exam नहीं देना पड़ेगा l

कर्म बीज है, कल जो किया था, आज वो तुम्हारे सामने है, आज जो कर रहे हो, वो कल की तैय्यारी   है l

युक्ति से मुक्ति है l

भले ही धन कितना भी हो लेकिन तुम्हारे पास परमात्मा रुपी धन नहीं है तो तुम भिखारी हो l

कर्म के बिना किस्मत अधूरी है l

जो जैसा होता है उसे सब कुछ वैसा ही नज़र आता है l

जो तुम अपने लिए चाहते हो, वो ही दूसरो के लिए चाहो l

प्रभु की लाठी से बचो, प्रभु की लाठी में आवाज नहीं होती l

अमृत आपको कहीं भी नहीं मिलेगा! अमृत सिर्फ रसना [ जिह्वा ] पर ही वास करता है l

जब ऋषियों-मुनियों के मुख से धर्म-वाणी निकलती है, तब वहाँ हजारों सूर्यों का प्रकाश प्रकट हो जाता है, अज्ञानी उस प्रकाश को देख नहीं पाते, ज्ञानियों का हृदय आनंदमय हो जाता है l

मुलाकाते जरूरी है अगर रिश्ते बचाने है, लगाकर भूल जाने से तो पोधे भी सूख जाते है l

विचार करे कि हम अपने बच्‍चो को, क्‍या दे रहे है, और क्‍या देना चाहिए ।

अजीब दुनिया है प्यार से बोलूं तो लोग मुहं फेर लेते हैं, और पैसों की जुबाँ बोलूं तो आके घेर लेते है।

आप यूनिक हो, आपकी कला को कोई चुरा नही सकता l

शब्द बदल बदल कर अर्थ मिलते रहे, हम भी मूर्ख ही थे शब्दों में उलझे रहे l

सद्व्यवहार से अच्छी और सस्ती कोई अन्य वस्तु नहीं l

गिरना भी तो अच्छा होता है, गिरने से अपनी “औकात” का पता चलता है, बढते हें हाथ लोगों के जब उठाने को, गैंरो में “अपनों” का पता चलता है l

जीभ से भगवान् के नाम का जाप करते रहें, और मन से भगवान् की सहज अनंत कृपा पर विश्वास रखें, इसी से आप का जीवन सफल हो जायेगा ।

मेरे लिखने से हुई, कइयों को तकलीफ, वो जो आज समाज में, बनते बड़े शरीफ l

सुख और दुःख सिक्के के दो पहलू हैं | सुख जब मनुष्य के पास आता है, तब दुःख का मुकुट पहनकर ही आता है |

मीठे बोल बोलिये क्योंकि अल्फाजों में जान होती है; इन्हीं से आरती, अरदास और इन्हीं से अज़ान होती है; यह समुंदर के वह मोती हैं; जिनसे इंसानों की पहचान होती है l

कुछ ऐसी बात करो जो मन को छू जाए, फिर सुभाष, भगत, चँद्रशेख़र आ जाए l

सुबह सुबह जिन्दगी की शुरुआत होती हैं, किसी अपने से बात हो तो खाश होती हैं, हँस के प्यार से अपनों को शुभ दिवस बोलो तो, खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं l

असंभव’ शब्द का प्रयोग केवल कायर करते हैं, बहादुर और बुद्धिमान व्यक्ति अपना मार्ग स्वयं प्रशस्त करते हैं l

“रात” की चांदनी अलविदा कह रही है, सुहानी सी हवा दस्तक दे रही है, जरा उठाकर देखो नजरें अपनी, एक प्यारी सी सुबह आपको “सुप्रभात” कह रही है l

जो देता है, वो पाता है l

जो कुछ तुम दूसरे में ना पसंद करते हो, उसे अपने में ना रहने दो l

मानव जीवन रतन सा, किया व्यर्थ बर्बाद, चर्चा कर ली धरम की, चाख ना पाया स्वाद l

सुख हो या दुःख हो, रुकेगा नहीं, चला ही जायेगा l

समय पर जो मदद करता है उसे एक्स्ट्रा मदद मिलती है l

क्षमा करने वाला सुख की नींद सोता है l

केवल भले ना बनो, कुछ भलाई भी करो l

Machine को काम दिया जाता है, इंसान को ज्ञान दिया जाता है l

कौशल्या जैसी सास चाहिए फिर तो तुम्हे भी सीता जैसी बहु बनना होगा l

जिसने क्रोध को त्याग दिया वो संत समान है l

भक्ति में भगवान् सुनता रहा, ज्ञान में अब वो सुनाने आया है l

जहाँ गीला होता है,  जहाँ पर पानी है, वहीं पर पाँव फिसलता है, मुख में भी पानी है, फिर वहीं से जीभ गिराने का काम करती है l

ज़िन्दगी में अच्छे लोगों की तलाश ना करो, खुद अच्छे बन जाओ, तुमसे मिल के शायद किसी की तलाश पूरी हो जाये l

हम कर्म करने में मनमानी कर सकते है, फल भोगने में नहीं कर सकेंगे l

कोई आपको कुत्ता कहे, तो गुस्सा आएगा, वो गुस्सा ही तो कुत्ता है, फिर कहने वाले ने ठीक ही तो कहा l

बुरा छोड़ो, अच्छा करो l

अहंकार करने से इश्वर की कृपा ख़त्म हो जाती है l

कोई एक बात ही तो होती है जो जीवन ही पलट जाता है, पहले खुद जागो, बाद में दूसरों को जगाओ,
खुद नींद में हो तो दुसरे को क्या जगाओगे l

लोग बाते ऐसी करते है मानों वे  इश्वर पर विश्वास करते है, लेकिन जीते इस प्रकार है मानो उनके ख्याल से इश्वर है ही नहीं l

आत्मा छोटी, बड़ी नहीं होती, शरीर छोटा , बड़ा होता है l

वाणी ऐसी शिक्षक है जो बिना बैंत मारे, बिना कटु शब्द कहे और बिना क्रोध किये हमारा मार्गदर्शन करती है l

मेरे सब Teacher हैं l

कृष्ण ने मटकी फोड़ी लेकिन कौन सी, बुराइयों की, अज्ञानता की, देह अभिमान की l

पापी का तन-मन-धन भगवान् के कार्य में लग ही नहीं सकता l

दुःख देने वाले को जलाया जाता है l (रावण)

भगवान् की याद दिलाना पुण्य का काम है l

तुम सारी दुनिया का मंगल तो नहीं कर सकते, पर सबके प्रति मंगलकामना तो कर सकते हो l

एक एक श्वांश से भगवान् को याद करो, जो हर श्वांश सुहेला हो जाये l  ( सुखो से भर जाए )

जीवन में शान्ति के दिए जलाओ l

हम अपनी गलतियों से भी बहुत कुछ सीखते हैं ,आज आपने क्या सीखा l

मार्ग को जानकार, मार्ग पर चलो l

कड़वेपन का कारण है अपने आप से संतुष्ट नहीं है, निमित भले ही कोई भी हो कडवापन निकालने के l

बे समझ सदा दुखी रहता है l

अगर आप नया नहीं सीखेंगे तो बाहर कर दिए जायेंगे l

खुद इर्ष्या ना करना और अपने आप को दूसरो की इर्ष्या से बचा के रखना क्या सहज है l

आम मनुष्य ऐसे जीवन जी रहा है कि जिंदगी ले आई तो आ गए, मौत ले चली तो चल दिए l

जो सरल है, उसका अंत:करण भी शुद्ध है l

श्राप दोगे तो तुम्हारा पुण्य भी कम होगा l

मन्त्र माना मन को तर करने वाला l

महान काम करने के लिए, अक्ल से ज्यादा , दिलेरी की जरूरत होती है l

लड्डू लड्डू बोलते, जीभ न चखे मिठास, पानी पानी बोलते किसकी बुझती प्यास l

जितना हम सोचते हैं कि अमुक व्यक्ति में अमुक बुराई है, वोह पलट कर हमारे अन्दर ही प्रवेश करती है l

हर अच्छा काम पहले असंभव नज़र आता है l

जबान में हड्डी तो नहीं होती लेकिन हड्डी तुड़वा सकती है l

सबसे बड़ी सेवा, मनुष्य को बुरे कर्मो से बचाकर उसे अच्छे मार्ग पर लगाना है l

हमारे शब्द भी सुगंध की तरह ख़ुशी दें l

जब आपके अपने द्वार की सीड़ियाँ मैली हैं तो अपने पड़ोसी की छत पर पड़ी हुई गन्दगी का उलाहना न दें l

बेवकूफ के हाथों से अमृत पीने की बजाए, बुद्धिमान के हाथों जहर पीना बेहतर है l

अगर कोई आपका दिल दुखाये, तो उसका बुरा मत मानना, क्युंकि ये कुदरत का नियम है, जिस पेड़ पर सबसे ज्यादा मीठे फल होते है, उसी पेड़ को सबसे ज्यादा पत्थर लगते हैं l

 

31 Responses to Hindi Spiritual One Liners

  1. catering says:

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  2. Jalpa says:

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  3. anay jais says:

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  4. Rajesh Chawla says:

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  5. natwar singh says:

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  6. bahut sunder vihar hai……………….

  7. god ka sumiran hi hamara pooja hai

  8. Sant ki sewa sant sang satsang hi prabhu ki pooja hai is kaliyug me jaisi bhawan rakhenge waise hi ram krupa karenge

  9. Kalyug sant ki sabse badi pahchan jo maya yani paisa na mange wahi sachcha sant hai paise se donghi milenge sachcha aur bhagwan nahi

  10. Sanjay Dayal says:

    Sant ki sewa sant sang satsang hi prabhu ki pooja hai is kaliyug me jaisi bhawan rakhenge waise hi ram krupa karenge

  11. panchal alpesh says:

    hiiiiiii nice good nice

  12. Prashant Chaturvedi says:

    nice. Es par hame amal karana chahiye

  13. RAMRAJ REGAR says:

    it can change our life

  14. Ravi Tomar says:

    Nice all points. It can change our life.

  15. piyush says:

    bahutbadiya

  16. vikram gupta says:

    ye sewa to badi achchhi hai. kya ise mail par prapt nahi kiya ja sakta?

  17. Rohit Azad says:

    Bahut Badiya yar i like it.

  18. Rajesh Patra says:

    Really Mind blowing superb thought…
    Actully all knows all about above..
    but … in this selffish world no can maintain it to alive in this fake world.. Any way many many thanks for this grate collection of thoughts to this world in desi style.

  19. Pratibha Gupta says:

    sO nYc …..

  20. np says:

    lovely
    very touching…………………………..

  21. rohit dahiya says:

    khud hi apne chowkidaar bno(na jane ye mann kab kya karwa de)

  22. nurjaha khan says:

    khud hi chaukidar bano

  23. kumar says:

    Bahut accha !!!!!!!!!!! Keep it up

  24. If these thoughts we take in our life and act according in our life,the life will be pleased and our soul must be happy.

  25. Karunesh Kumar Vishwakaram says:

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  26. jeevanhe badal jaya agar purnshraddha ke sath hum in bato ka palan karana laga.

  27. rohit says:

    Lovely……..so cute and heart touching

  28. satish patel says:

    “”If god is always with us’
    So
    Who can against with us””

    Satish patel.

    Jivan me adhyatmik hona jaruri he.
    Education me isko lana jaruri he
    Compalsory subject..

  29. shiva Mali says:

    Very nice …
    Om shanti

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